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भौतिक विज्ञान भूतकाल तथा वर्तमानकाल दो कालों को जान सकता है जबकि अध्यात्म विज्ञान में आध्यात्मिकता के पूर्ण ज्ञान के साथ अनिश्चितकालीन भूत, वर्तमान तथा भविष्य की घटनाओं को प्रत्यक्ष देखना सुनना सम्भव। फ्रांस के प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नेस्त्रोदमस ने तथा ईसा मसीह ने अध्यात्म विज्ञान के द्वारा ही भावी घटनाओं को देखा तथा वर्णन किया था। वही घटनाएं मूर्तरूप ले रही है तथा लेगी।
नेस्त्रोदमस की भविष्यवाणी – भारत का अध्यात्म विज्ञान विश्व को मान्य होगा तथा विश्व का नेतृत्व करेगा।
तीसरे विश्वयुद्ध तथा प्राकृतिक प्रकोपों से विश्वमानवता को बचाने मे ईसा मसीह तथा नेस्त्रोदमस की भविष्यवाणियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। लोग इनको पढ़ेंगे और बचेंगे।
तीन ओर से समुद्र से घिर क्षेत्र में वह जन्म लेगा, जो वृहस्पतिवार को अपना उपासना दिन (सरकारी अवकाश दिवस) घोषित करेगा। उस गैर ईसाइ व्यक्ति की महिमा, प्रशंसा, प्रसिद्धि ओर सत्ता अधिकार इतने प्रबल होंगे कि उसकी शक्ति बढ़ती ही जाएगी, ओर समस्त धरती व समुद्रपर्यन्त वह तूफान की तरह छाया रहेगा। उस जैसा शक्तिमान कोई न होगा।

विश्वभर में सैनिक क्रांतियों के बाद थोड़ से ही अच्छे लोग संसार को अच्छा बनाएंगे। जिनका महान धर्मनिष्ठ विश्वविख्यात नेता 20वीं सदी के अंत और 21वीं सदी के शुरू में किसी पूर्वी देश से जन्म लेकर भ्रातृवृति व सौजन्यता द्वारा सारे विश्व को एक सूूत्र में बांध देगा।
महान सितारा सात दिन तक जलेगा और बादल से निकलेंगे दो सूरज। एक बड़ा कुता रोएगा सारी रात। महान पोप अपना देश छोड़ देगा।

तुला राशि पश्चिम पर राज करेगी और उसका दबदबा होगा आकाश और धरती पर। कोई न देखेगा एशिया की शक्ति को कम होते। जब तक कि सातों क्रमवार शान न सम्भालें।
शांतिदूत – एशिया में वह होगा जो यूरोप में नही हो सका। एक शांतिदूत पूर्व के सभी राष्ट्रो पर हावी होगा। एक विद्वान शांतिदूत पूर्व के सभी राष्ट्रो को अपने नियंत्रण में रखकर शांति बनाये रखेगा। यह शांतिदूत और वह भी पूर्व में।
जादुई छड़ी – उसके पास होगी जादुई छड़ी। घुमायेगा और चाहे जहां अपनी आवाज पहुँचा देगा। बात कर लेगा सात समुन्दर पार।
जब चन्द्रमा के चक्र के बीस वर्ष व्यतीत हो जाएंगे, तो एक अन्य चक्र प्रारम्भ होगा जो सात हजार वर्ष तक चलेगा। जब थका हुआ सूर्य इस चक्र में प्रविष्ट होगा तब मेरी भविष्यवाणियां सम्पूर्ण होगी। सात हजार वर्षों तक के लिये कल्कि द्वारा कार्य।